muस्लिमों में अपने रिश्तेदारों में निकाह करना हलाल (जायज़) है, यह सच है।
लेकिन हिंदुओं के धार्मिक ग्रन्थ मत्स्य पुराण के अध्याय 3 और 4 में ब्रह्मा और सरस्वती का प्रसंग आता है।
उसमें बताया गया है कि ब्रह्मा अपनी ही पुत्री सरस्वती के सौंदर्य को देखकर मोहित हो गए।
चूंकि ब्रह्मा अपनी ही पुत्री को भोगना चाहते थे इसलिए उन्होंने अपने पुत्रों–पुत्रियों को भी आपस में वैवाहिक संबंध स्थापित करने के लिए बोल दिया।
सभी के जाने के बाद ब्रह्मा ने अपनी पुत्री के साथ सम्बन्ध बनाए और मनु नामक पुत्र को जन्म दिया।
मुस्लिमों को दिन रात गोबर और मूत्र का सेवन कर करके कोसने वाले हिंदुओं इसपर आपका क्या कहना है?
यहां तो अपनी पुत्री को भी नहीं बख्शा जा रहा और सगे भाई–बहन भी परस्पर वैवाहिक सम्बन्ध बना रहे हैं।
ज्योतिबा फुले ने अपनी पुस्तक गुलामगिरी में इसीलिए ब्रह्मा को "........*" बोला था। - Sunil Deswal
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