Sunday, 19 April 2026

जाटो का इतिहास राजपूतो ने कैसे अपना बनाया!

 Note--जाटो अगर ये पोस्ट मिस करदी तो सब कुछ मिस कर दोगे, फेसबुक के इतिहास में सबसे बड़ी सच्चाई खोज कर लाया हूँ सबूत समेत,

देखो जाटो का इतिहास राजपूतो ने कैसे अपना बनाया,असली #हेले जाटो को #भाटी या #भट्टी कहा जाता था आज से 300 साल पहले तक पंजाब में, ये भाठी उपाधि 2 हज़ार साल पहले जाट सम्राट शालिवाहन ने शुरू करी ,भाठी या भठ्ठी का मतलब होता है वो जाट जो अपने इतिहास को लिखवाने के लिए #भाठ जाती को रखते थे,ये बात संसार का सबसे बड़ा इतिहासकार j.d.cunnigham जिसने सिखों का इतिहास बुक लिखी जो फ्रांस आदि यूरोप के देशों में पढ़ाई जाती है,वही cunnigham गाँव गाँव में गया और सच्चा जाट इतिहास लिखा वो कहता है कि भाटी जाट थे,खुद वो नही सभी बड़े इतिहासकार कहते थे कि भाटी जाट थे,इस से बड़ा कोई सबूत नही हो सकता,क्योंकि ज्यादातर जाट राजाओ के वंश भाटी थे तो राजपूतो ने एक गेम खेला ओर colonol tod को पैसे देकर भाटियों को राजपूत लिखवा दिया ये घटना cunnigham के बहोत बाद कि है,ये झूठ राजस्थान के कुछ हिस्सों में तो चल गया पर सच्चाई सामने आ ही जाती है,ये घठिया हरकत महाराजा रणजीत सिंह जट्ट ओर पटियाला समेत कई जाट राजाओ को भाटी राजपूतो से निकले हुए बताने की एक नीच कोशिश थी,हाँ ये भाटी थे पर #भाटी असली जाटो का टाइटल था जिसमे ज्यादातर जाट राजाओ के गोत्त शामिल है,दूसरी तरफ मालवा के वीर जाट थे जिन्होंने मुल्तान,मालवा आदि क्षेत्र बसाए ये वीर जाट सिकंदर से लडे थे और जब ये कमजोर हो गए तो इन्होंने भारत मे भीतर की तरफ अपने राज्य बसाए ये सब आप इस किताब के पेज में पढ़ सकते हो,पंजाब जाटो का था और जाटो का है और जाटो का रहेगा,
जाट भाइयो जागो कैसे तुम्हारे इतिहास को चुराकर ये लोग अपना बना रहे है






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