Wednesday, 13 May 2026

ओशो ध्यान वाले इधर ध्यान दें!

 ओशो ध्यान वाले इधर ध्यान दें

☺️
पिछले दिनों मेरे पास एक महिला का फोन आता है व वह पहले खूब हंसती है हींहींहींहीं और फोन पर कहती है कि वो कितनी सौभाग्यशाली है कि मेरे से बात कर पा रही है। मैंने तो सोचा था कि आपका कोई सहयोगी फोन उठायेगा व आपसे बात एप्वाइंटमेंट लेकर करनी होगी। मैंने उससे फोन करने का कारण पूछा तो वो कहने लगी कि उनके वहां कोई ओशो का आश्रम बना रहा था तथा वो इसे प्राकृतिक भवन निर्माण सामग्री से बनाना चाहते हैं। मैंने कहा कि हमारे यहां हर महीने प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। आप अपना नाम व पता लिख कर 098120 54982 पर वाट्सएप करदे। आपको हमारे प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी मिल जाएगी। उसने वाट्सएप कर दिया व मैंने संदेश भेज दिया।
दो दिन बाद उसी आश्रम से किसी आदमी का फोन आता है और वह कहता है कि मलिक साहब मैंने भिवानी बैंक में नौकरी कर रखी है। हम दोनों हरियाणा से ही हैं। आप एक काम करो हमें प्राकृतिक भवन निर्माण सामग्री के फार्मूले बता दो। मैंने कहा कि श्रीमान यह प्रेक्टिकल विषय है, आपको प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए। वो बंदा तो भड़क गया कि हम लोगों से पैसे लेते हैं हम आपको पैसे कहां से दें❓
मैंने उस सज्जन को कहा कि चलो हम आपको निशुल्क सिखा देते हैं, आप ओशो आश्रम वाले मेरी गायों कि एक महीने सेवा कर दें व इनका एक महीने का खर्च उठा लें। इतनी सी बात सुन कर तो उस बंद का रूप ही बदल गया और वो कहने लगा कि यह काम हम क्यों करें❓ मुझे भी गुस्सा आ गया व ......
दो दिन बाद फिर उसी बंदे का फोन आया व वह कहने लगा कि मैं नोट गिन रहा हूं क्या❓ मैंने कहा कि हां मैंने नोट गिनने की मशीन लगा रखी हैं वो दिन रात नोट ही गिनती रहती हैं। तू फोन रख।
अब कल शाम को वाट्सएप पर एक वृद्ध व्यक्ति ओशो की व ओशो के विचारों को पंजाबी में लिख कर भेजने लगा जिसमें वहीं बातें लिखी हैं जो हर कोई आश्रम वाला लिखता जैसे कि हमें नशामुक्त जीवन जीना चाहिये व ध्यान करना चाहिए।
मैं समझ गया कि इनकी खुजली अभी मिटी नहीं है। मैंने कहा कि आम आदमी से हम प्रशिक्षण फीस 21000/- लेते हैं क्योंकि वो घर बनाना सीखते हैं, आपसे मैं 31000/- लूंगा क्योंकि आप आश्रम बनाना सीखना चाहते हो।
इतना सुनते ही उस महाराज जी को तत्व ज्ञान हो गया व वह कहने लगा कि यह कौन-सा बड़ा काम है, मिट्टी ली व आश्रम बना लिया। हम कल से लोकल मिस्त्री से आश्रम बनवा लेंगे।
मैं बोला सुण भाई तुम ओशो वाले किसी को फ्री में पाणी भी नहीं पिलाते व एक दिन का कम से कम 850/- लेते हो। हम सबको फ्री खाना खिलाते हैं व यहां रहने का भी कुछ नहीं लेते। हमारे यहां पांच दिन ओफलाइन व 180 दिन ओनलाइन प्रशिक्षण के हम मात्र 21000/- लेते हैं यानी कि हर दिन के लगभग सौ रूपए।
अगली बार अगर किसी आश्रम वाले का फोन आयेगा तो उनके लिए फीस 41000/- होगी। मई महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 मई से 31 मई तक आयोजित किया जाएगा। अगर आप को प्रशिक्षण प्राप्त करना है तो सीट बुक करा लें।
ठीक करया नै रै⁉️
सबको भारतीय ज्ञान मुफ्त में ही क्यों चाहिए यह बात मैं आज तक नहीं समझ पाया। थारै समझ आई हो तै कमेंट करके अवश्य बतायें ☺️☺️
APJ=√अणपढ़ जाट - Dr. Shivdarshan Malik

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