बात सन 1900 की है, अंग्रेज Punjab Alienation of Land Act (1900) बना रहे थे, इसके तहत तब के यूनाइटेड पंजाब की 'Agriculturists Tribes' चिन्हित की जा रही थी; इसके तहत दस जातियां चिन्हित की गई, जो थी - जाट, जट्ट, राजपूत, गुज्जर, अहीर, माली, पठान, सैयद, बिलोच व् मुग़ल! परन्तु अंग्रेजों ने गौड़-ब्राह्मण, चौहान, कुरैशी व् जांगड़ा को इस लिस्ट में नहीं जोड़ा|
फिर जब यूनियनिस्ट पार्टी की सरकार आती है व् दादा सर छोटूराम जी 'रेवेन्यू-मिनिस्टर' बनते हैं तो इस एक्ट में दो Amendments लाते हैं Punjab Alienation of Land (Amendment) Act of 1938 और Punjab Alienation of Land (Second Amendment) Act of 1938/1939 व् गौड़-ब्राह्मण, चौहान, कुरैशी व् जांगड़ा (जिसके तहत पांचाल, सैनी व् विश्वकर्मा सब-ग्रुप्स भी आते हैं) को भी इसमें जोड़ देते हैं|
इस एक्ट की ख़ास बात यह थी कि इसके तहत आने वाली जातियों की जमीन इस ग्रुप से बाहर कोई खरीद-बेच नहीं सकता था!
इसी से संबंधित सलंगित है एक लिटरेरी रिफरेन्स! इस रिफरेन्स के आधार पर गूगल-जैमिनी से पूछा तो उसने और विस्तृत डिटेल्स निकाल के दे दी!
जय यौधेय!

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